
लोकसभा सहारनपुर को बाढ़ ग्रषित घोषित करे केंद्र सरकार। एक टीम बनाकर निष्पक्ष गाँवो में जाँच करे पक्षपात न करे जनप्रतिनिधि व उनके पदाधिकारी। लोकसभा सहारनपुर के लोगों ने जनप्रतिनिधि पर लगा रहे हैं पक्षपात का आरोप जो बड़ी दुखदाई बात है। जनता का कहना है कि एमपी साहब ने जो लोग जिम्मेदार बना रखे हैं वह केवल अपने अपने लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं या यह कहें कि केवल जनप्रतिनिधि को उन्ही को मिलवा रहे है।गाँवो की चलती राजनीति के कारण उन गरीबो तक पदाधिकारीयो को पहुँचने भी नही दिया जा रहा है। जिससे परेशान लोगों का हाल जान सके।वो गरीब जिसको मदद की जरूरत होती है।उसको पता भी नही चल पाता कि क्षेत्र में कौन जनप्रतिनिधि हम लोगो का हाल चाल जानने आ रहा है। देखा जाये तो आज कल सोशल मीडिया के जमाने में काम कम सोशल मीडिया पर प्रचार ज्यादा कर रहे हैं। हर आदमी बड़ा फोन नही चलाता या ये कहे कि हर आदमी फेसबुक इंस्टाग्राम आदि नहीं चलाता।क्योंकि न तो उनके पास बड़े फोन है जो उनको पता चले कि हमारी मदद को आ रहे है। कुछ जिम्मेदार(वोटों के ठेकेदार) इस तरह कि हरकत कर रहे है।बल्कि अपात्रों की मदद करवा देते है चुनाव के टाइम ये ठेकेदार उनही गरीब मजबूर लाचारों को अपना बताकर वोट के नाम पर अपनी जेबें गर्म कर लेते हैं। क्षेत्र के प्रतिनिधि को चाहिए कि वह स्वयं अपने वोटरों गरीब जनता के बीच पहुंचकर सहायता और इस दुख की घड़ी में साथ होने का आश्वासन दे।जिससे गरीब,असहाय,व पात्रों की मदद हो सके।

